पुरानी डायरी से – एक अंग्रेजी कविता और अनुवाद, I shall die

09032010 And a day when I shall die
My lyrics, my poems, my songs
Will also die with me.
A dead never utters –
I shall die.

Queen of the earth !
Your frozen lips shall touch my limbs
Slowly and very slowly
My spirit shall vanish
Like a piece of Camphoor
And I shall die.

In the murmur of leaves
In the striding steps of winds
In the tender shower and breeze
My breath shall linger and wait
But I shall die in solitude-
I shall die. 

और एक दिन जब मैं मर जाऊँगा
मेरे गीत, मेरी कविताएँ, मेरे गान
मेरे साथ मर जाएँगे
मृतक कभी नहीं बोलता –
मैं मर जाऊँगा।

धरा की रानी !
तुम्हारे हिम-अधर
करेंगे स्पर्श मेरे अंगों का
धीरे और बहुत धीरे
मेरी चेतना लुप्त होगी
कपूर के टुकड़े सी –
और मैं मर जाऊँगा।

पत्तियों की मर्मर में
पवनों के तेज कदमों में
मृदु वर्षा बूदों और झँकोरों में
रह जाएँगी मेरी साँसे प्रतीक्षित – 
लेकिन मैं मर जाऊँगा एकांत में
मैं मर जाऊँगा।

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8 thoughts on “पुरानी डायरी से – एक अंग्रेजी कविता और अनुवाद, I shall die

  1. ऐसे ही सुधीजन कविजन मरने लगे तो फिर अमरता किस चिड़िया का नाम है ?वह कई तरीकों से अमर होता है -अपनी रचनाओं के कालजई बनने से /वंश परम्परा मेंस्मारकों में और लोक स्मृति में …..

  2. गीत और कवितायेँ या कहें रचनाएँ कालजयी हैं तो उसे कौन मार सकता है – कोई नहीं इसलिए प्रयास उसी तरफ अर्थात ऐसा ही कुछ लिखने का होता है जिसे असंख्य करते हैं लेकिन बिरले ही सफल होते हैं.

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