पुरानी डायरी से -11 : … मैं बूढ़ा हो गया …

22 मई 1992, समय:__________                                                          …. मैं बूढ़ा हो गया …

सुबह सुबह आज 
दाढ़ी बना रहा था।
थोड़ा सा एकांत देख
बीवी ने कहा
सुनते हो, बिटिया सयानी हो गई है
कहीं बातचीत तो करो ! 


उसी पल 
शीशे में कनपटी के बाल सफेद हो गए।
चेहरे की झुर्रियाँ उभर कर चिढ़ाने लगी मुँह । 
आँखें धुँधली हो गईं।
उसी पल
मैं बूढ़ा हो गया।
… मेरे भीतर कुछ टूट गया। 

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